सार्थक प्राइमरी एकेडमी में 68 छात्रों ने AISSEE 2026 में ऐतिहासिक सफलता हासिल कर कोसी क्षेत्र को गौरवान्वित किया है |

कोसी में होनहारों की फैक्ट्री! सैनिक स्कूल प्रवेश परीक्षा 2026 में सार्थक प्राइमरी एकेडमी के 68 छात्रों ने मारी बाजी

Sainik School Admission Result: सुपौल स्थित 'सार्थक प्राइमरी एकेडमी' के 68 छात्रों ने AISSEE 2026 में ऐतिहासिक सफलता हासिल कर कोसी क्षेत्र को गौरवान्वित किया है. ग्रामीण परिवेश और सीमित संसाधनों के बावजूद, इन होनहारों ने अपनी मेहनत से नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की इस प्रतिष्ठित परीक्षा को क्रैक कर इतिहास रच दिया है.

  सार्थक प्राइमेरी एकेडमी के सभी सदस्य और परीक्षा में शामिल होने वाले छात्र 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

सुपौल: सैनिक स्कूल प्रवेश परीक्षा 2026 का परिणाम घोषित होते ही कोसी क्षेत्र में जश्न जैसा माहौल बन गया. यूं तो इस क्षेत्र से सैकड़ों बच्चों ने सफलता हासिल की लेकिन इस बार भी ‘सार्थक प्राइमरी एकेडमी’ ने सबका ध्यान खींच लिया है. सुपौल-मधेपुरा रोड में गौरवगढ़ स्थित इस स्कूल में पढ़ने वाले करीब 68 छात्रों ने प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता हासिल की है. इन होनहारों ने यह साबित कर दिया कि छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में पढ़ने वाले बच्चे भी कम संसाधन में नेशनल लेवल की परीक्षाओं में अपना परचम लहरा सकते हैं. स्कूल का मार्गदर्शन, छात्रों की मेहनत और लगातार प्रयास के बल पर यह रिकॉर्ड तोड़ सफलता हासिल हुई. यह पहली बार नहीं है जब सार्थक प्राइमरी एकेडमी के स्टूडेंट्स ने इस एग्जाम में परचम लहराया है, बीते कई वर्षों से यह स्कूल सफलता की कहानी गढ़ रहा है |
बता दें कि सैनिक स्कूल में पढ़ने का सपना देखने वाले हजारों छात्रों के लिए यह परीक्षा काफी अहम मानी जाती है. इससे देशभर के सैनिक स्कूलों में क्लास 6 और क्लास 9 में दाखिला होता है. यह एग्जाम नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी एनटीए करवाती है |
सीमित संसाधनों में क्रैक किया यह एग्जाम 
इन सभी स्टूडेंट्स में कई ऐसे परिवारों से आते हैं जहां संसाधन सीमित हैं, लेकिन सपने बड़े हैं. सफल बच्चों की लिस्ट में नार्गाजुन वत्स, मो. बिलाल, इशान, ऋषी जैसे स्टूडेंट्स शामिल हैं. सफल स्टूडेंट्स ने बताया कि उन्होंने मोबाइल और एंटरटेनमेंट से दूरी बनाकर रोजाना घंटों पढ़ाई की. कई छात्रों ने सुबह जल्दी उठकर पढ़ने की आदत बनाई, जबकि कुछ ने देर रात तक रिवीजन जारी रखा. उनका कहना है कि कठिन प्रश्नों से डरने के बजाय उन्हें चुनौती मानकर हल करना ही उनकी सफलता का राज बना |
सभी ग्रामीण इलाकों के हैं रहने वाले 
ग्रामीण परिवेश में अक्सर पढ़ाई के लिए जरूरी सुविधाएं नहीं मिलती, फिर भी इन छात्रों के माता-पिता ने हर संभव सहयोग किया. कई अभिभावकों ने बताया कि उन्होंने बच्चों की पढ़ाई के लिए ज्यादा मेहनत की ताकि वे बेहतर शिक्षा पा सकें. स्थानीय लोगों का कहना है कि यह उपलब्धि पूरे इलाके के लिए प्रेरणा है. इससे आने वाले बच्चों का कॉन्फिडेंस बढ़ेगा और वो भी खूब मेहनत कर अपने सपनों को उड़ान देंगे |
कोसी क्षेत्र के लिए नई प्रेरणा
संस्थान के निदेशक रंजन चमन ने कहा कि बच्चों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं होती, जरूरत होती है सही मार्गदर्शन की. हमारे यहां परीक्षा की तैयारी के दौरान बच्चों को केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि मानसिक मजबूती और आत्मविश्वास पर भी काम कराया जाता है. यही कारण है कि हर साल यहां से स्टूडेंट्स सफलता हासिल करते हैं. उन्होंने आगे बताया कि इस तरह की उपलब्धियां क्षेत्र की सोच बदल देती हैं. जब एक साथ इतने छात्र सफल होते हैं तो पूरे इलाके में शिक्षा का माहौल मजबूत होता है. छोटे बच्चे भी बड़े सपने देखने लगते हैं |
सैनिक स्कूल में एडमिशन मतलब कैरियर सेट 
आपको बता दें कि सैनिक स्कूल में एडमिशन को देश की प्रतिष्ठित उपलब्धियों में गिना जाता है. इन स्कूलों से पढ़े कई छात्र आगे चलकर सेना, प्रशासन और दूसरे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में देश की सेवा करते हैं. इसलिए इस परीक्षा में सफलता केवल एक रिजल्ट नहीं, बल्कि भविष्य के सुनहरे अवसरों का द्वार मानी जाती है |
बिहार के इन स्कूलों में मिलेगा एडमिशन 
AISSEE 2026 का आयोजन 18 जनवरी 2026 को पेन एंड पेपर मोड में किया गया था. देश के 190 शहरों में बनाए गए 464 केंद्रों पर यह परीक्षा आयोजित की गई थी. इस प्रवेश परीक्षा के रिजल्ट के आधार पर बिहार के भी सैनिक स्कूलों में एडमिशन मिलती है. आपको बता दें कि बिहार में दो सैनिक स्कूल पहले से हैं. एक नालंदा में और एक गोपालगंज जिले में. इसके अलावा भागलपुर, पटना और समस्तीपुर जिले में नए सैनिक स्कूल हैं. इनमें समस्तीपुर जिले में स्थित सुंदरी देवी सरस्वती विद्या मंदिर, भागलपुर में गणपत राय सालारपुरिया सरस्वती विद्या मंदिर और पटना में केशव सरस्वती विद्या मंदिर भी है |
अन्य कुछ तस्वीर जो प्रिन्ट मीडिया में आया